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Jaswant became a precedent for farmers by cultivating turmeric in Amroha

Jaswant became a precedent for farmers by cultivating turmeric in Amroha

हल्दी की खेती कर यूपी का ये किसान हुआ मालामाल

देश के अलग-अलग हिस्सों में अब किसान परंपरागत खेती से हटकर आधुनिक खेती करके नई नज़ीर पेश कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के बरतौरा गांव यशवंत सिंह त्यागी हल्दी की सफल खेती करके अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं. वे पिछले 15 सालों से हल्दी की खेती कर रहे हैं और लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं. तो आइए जानते हैं यशवंत की सफलता की कहानी-

गीली हल्दी 3500 रुपये क्विंटल

यशवंत त्यागी का कहना है कि उन्होंने साल 2005 में हल्दी की खेती करना शुरू किया था. उस समय उन्होंने पदमश्री विजेता भारत भूषण त्यागी से हल्दी की खेती करने की ट्रैनिंग ली थी. उन्हें शुरुआत में अपने क्षेत्र में हल्दी की खेती करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. लेकिन धीरे-धीरे यहां कि जमीन हल्दी की खेती के अनुकूल हो गई. वे एक बीघा से 22 क्विंटल तक की उपज लेते हैं. यशवंत आगे बताते हैं कि उनकी गीली हल्दी 3000 से 3500 रुपये क्विंटल बिक जाती है. जिससे सालभर में लाखों रुपये की कमाई होती है.

गोबर खाद का उपयोग

हल्दी की अच्छी उपज के लिए वे अपने खेत में गोबर खाद का उपयोग करते हैं. वहीं आवश्यकता अनुसार कैल्शियम डालते हैं. यशवंत अपने खेत में हल्दी के साथ गन्ना, सरसों और गेहूं की सहफसली लेते हैं. जिससे उन्हें अतिरिक्त आय मिल जाती है. उन्होंने इस साल हल्दी अप्रैल माह में लगाई थी. इस समय उनके खेत में हल्दी की फसल लहलहा रही है. जिसे वे कुछ दिनों निकालने वाले हैं.

170 रुपये किलो बेचते हैं

अधिक मुनाफा कमाने के लिए यशवंत ने अब हल्दी पाउडर के लिए मिनी हल्दी मशीन भी लगा ली है. इससे पैकिंग करके वे हल्दी बेचते हैं जिससे उन्हें प्रति किलो 170 रुपये मिलते हैं. इससे उनकी आमदानी में अच्छा इजाफा हो जाता है. उनका कहना है कि कोरोनाकाल में भी अच्छी मांग के कारण उनकी हल्दी अमरोहा समेत कई जगहों पर आसानी से बिक गई. हल्दी की अच्छी पैदावार के लिए 6 सिंचाई की जरुरत पड़ती है.

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