Traditional farming is earning five times profit from gardening of fruits

Lemons
Lemons
Lemons

पारंपरिक खेती छोड़ फलों की बागवानी से कमा रहे हैं पांच गुना मुनाफा

भारत की लगभग 60 फीसद आबादी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से खेतीबाड़ी से जुड़ी हुई है. जो अब धीरे-धीरे कम हो रही है. इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह खेती-बाड़ी का किसानों के लिए घाटे का सौदा हो जाना है. लेकिन कुछ ऐसे भी किसान हैं जो पारंपरिक तरीके से खेती करने की बजाय आधुनिक तरीके से खेती कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं. कुछ ऐसा ही हिसार, गांव खैरी के युवा किसान राजेश कुंडू ने कर दिखाया है. राजेश कुंडू आज आधुनिक तरीके से बागवानी करके हर साल प्रति एकड़ लाखों रुपए कमा रहे हैं और दूसरे किसानों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गए हैं.

गौरतलब है कि राजेश कुंडू से आधुनिक तरीके से खेतीबाड़ी करने के गुर सीखने के लिए दूर-दराज के किसान भी आ रहे है. उन्होंने 2022 से पहले की अपनी आमदनी को दोगुना नहीं बल्कि पांच गुणा करके दिखा दिया है. बकौल किसान नरेंद्र कुंडू ‘वह पारंपरिक तरीके से नरमा व गेहूं की खेती करते थे. जिसमें उन्हें कोई खास मुनाफ़ा नहीं होता था और यह खेती घाटे का सौदा बनती जा रही थी. जिसके बाद मैंने अपनी खेती को मोटा मुनाफा देने में बदलने की सोची. इसके बाद पारंपरिक खेती को छोड़कर बागवानी अपनाई. इसके लिए ‘कृषि विभाग’ के अधिकारियों से बातचीत करके अमरुद की खास वैरायटी ‘हिसार सफेदा’ 4 एकड़ पर लगाया और 2 एकड़ में सब्जी व नींबू की फसल की खेती की गई.

राजेश कुंडू के मुताबिक, पारंपरिक तरीके से खेती करने पर उन्हें मुश्किल से 10-15 हजार रुपए प्रति एकड़ मुनाफा हो पाता था और कभी-कभी तो प्राकृतिक आपदा के वजह से उन्हें ये भी मुनाफा नहीं हो पाता था. अब वो अमरुद की खेती करके वह प्रति वर्ष, प्रति एकड़ 1.5 से 2 लाख रुपए कमा रहे हैं. इसके साथ ही वह मुर्गी पालन और सब्जी की खेती का भी कार्य करते हैं. जिसमें उन्हें भारी मुनाफा भी हो रहा हैं.

Traditional farming is earning five times profit from gardening of fruits

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to top